Posts

Showing posts from June, 2013

दीवानगी

Image
किसी की चाहत को उल्फ़त समझने की भूल ना हो जाए
...........ये वो खता है जो गलती से भी कबूल ना हो जाये ।

........आरजू की थी कभी तेरी पर खामोश रहेंगे अब हम ,
कीमत मेरी गुस्ताखियों की जब तक वसूल ना हो जाए ।

 ..........गमगुस्सार हूँ मै तेरा, कोई आसिम नहीं हमदम
डरता हूँ मुझसे जुम्बिश कहीं कोई उल-जलूल ना हो जाए ।

.............मुन्तजिर ही रहे तेरी इक निगाह-ए-करम के हम,
तुझे देखा नहीं कि दीवानगी में हमसे कोई भूल ना हो जाए ।


- रोली