Saturday, April 21, 2012

चाँद से भले हो जाये अनबन रात को तुम्हारी,
बस उसकी चाँदनी को तुम नाराज़ ना करना......
हमसे खफा हो भी जाओ तो कोई बात नहीं,
खुद से वाबस्ता ख़्वाबों को हमसे जुदा न करना......

-रोली
आधी ज़िन्दगी इंतज़ार में गुजरी और
आधी ख्वाबों में गुज़र जाती है...
देखती हूँ आइना जब याद करके तुम्हे,
मेरी सूरत खुद ही संवर जाती है....

-रोली.

Saturday, April 7, 2012

एक मासूम से सपने को आज जलते देखा
उसके हर इक अरमान को पिघलते देखा
कभी मुट्ठी में चाँद-सितारे रखा करती थी वो,
आज उसे खुले आसमान तले पलते देखा
जानती थी मै ये दुनिया बड़ी ही संगदिल है,
इस बार तो हरेक रिश्ते को बदलते देखा
कहते हैं तेरे दर पे सिर्फ देर है, अंधेर नहीं
फिर क्यों अपनों को ही उसे, निगलते देखा........

-रोली