सरकार के कर्तव्य
मुफ्तखोरी । यह शब्द दिल्ली चुनाव में कई लोगों ने अनेक बार कहा। अपने देश-प्रदेशवासियों को मुफ्त गुणवत्ता शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना मुफ्तखोरी नहीं कहलाती। वह भी तब जब जनता से इन सेवाओं के लिए अतिरिक्त कर न वसूले जाएं। मितव्ययिता से चल कर यदि कोई सरकार अपनी जनता को कोई सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराती है तो यह मुफ्तखोरी जैसे शब्द से परे है। क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर में 43 ऐसे देश हैं जो अपने नागरिकों को व कुछ देश तो विदेशियों को भी लगभग मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देते हैं, इनमें सबसे पहला नाम नॉर्वे का है, जो सम्पूर्ण विश्व में सबसे स्वस्थ देश माना जाता है। इसके अतिरिक्त ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्रूनेई, फिनलैंड, ग्रीस, पुर्तगाल, सिंगापुर, स्वीडन जैसे 43 देश हैं, जहाँ उनके नागरिकों को लगभग मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं । अब मुफ्त शिक्षा की बात की जाए तो बहुत सारे देश अपने नागरिकों को व कुछ देश विदेशियों को भी मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराते हैं। कुछ देशों में आरम्भ से उच्च् शिक्षा तक मुफ्त है व अनेक देशों में अलग अलग स्तर पर। कोई आरंभिक शिक्षा मुफ्त देते हैं, कोई...