एक याद....

एक याद
जो बेवक्त आ जाती है  ....
एक याद
जो पल पल सताती है .....
तुम्हारी ख़ामोशी
हजारों अलफ़ाज़ लिए,
मेरी बातें
खामोश सा प्यार लिए,
रातों की
नींदे चुराती है .....
तुम्हारा स्पर्श
समेटे हुए हजारों चुम्बन,
मेरे चुम्बन
जन्मो का प्यार लिए,
तुम्हारी आँखें
छलकाते हुए प्यार के पैमाने,
मुझे जन्नत तक
ले जाती है......
एक याद
जो बेवक्त आ जाती है.......

- रोली

Comments

  1. आपकी यह रचना कल मंगलवार (09-07-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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    Replies
    1. पारिवारिक कार्यक्रम होने के कारण काफी दिन से ब्लॉग पर ना आ सकी |
      आभार एवं धन्यवाद रचना के चयन के लिए |

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  2. बहुत सुन्दर व भावपुर्ण अभिव्यक्ति....

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  3. बहुत भावपूर्ण प्रस्तुति...

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    Replies
    1. बहुत-बहुत आभार श्री कैलाश शर्मा जी |

      Delete
  4. बहुत खुबसूरत एहसास पिरोये है अपने......

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद सुषमा जी |

      Delete

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