Thursday, April 8, 2010

आस्तीन के सांप हैं ये....


गृहमंत्री जी का यह बयान कि नक्सलवादियों पर इसलिए
वायुसेना से हमला नहीं किया जा सकता क्योंकि वे देश के
दुश्मन नहीं हैं, बड़ा विचित्र है! चिदंबरम साहब, ये तो देश
के दुश्मनों से भी ज्यादा खतरनाक हैं, जो अपने होते हुए
भी अपनों का लहू बहा रहे हैं! क्या देश का नागरिक अपराध
करे तो वह अपराध की श्रेणी में नहीं आयेगा! आइ.पी.सी. की
धारा ३०२ के तहत कोई हत्या करता है तो क्या उससे सजा
नहीं दी जाती?? तो इन क्रूर नक्सलवादियों से हमदर्दी क्यों??
या किसी और बड़ी घटना का इंतज़ार है?? या ये समझा जाये
कि कोई वी.आई.पी. नहीं मारा गया इनके हाथों अभी तक, इसलिए
इन्हें फिलहाल माफ़ी है...!!!!!अगर ये भारत देश को अपना
समझते तो क्या सी.आर.पी.ऍफ़. के जवानों की यूँ हत्या करते???
इस के पहले भी ना जाने कितने निर्दोष लोगों की जान ले चुके
हैं ये! मंत्री जी, बयान नहीं कठोर कदम उठाइए इनके विरुद्ध...
आस्तीन के सांप हैं ये....!

4 comments:

  1. "वो दिन दूर नहीं जब नक्सली शहरों में भी हमले करने लगेगें तब हमारे गृहमंत्री की नींद खुलेगी ...घोर आश्चर्य कि 1000 नक्सली एक जगह एकत्र हो रहे हैं तब भी सीरपीएफ ने इस जमावड़े को हलके में लिया कितनी सारी खामियाँ है हमारे तंत्र में....बिना आर्थिक विकास के माओवादी आन्दोलन कभी खत्म नहीं होने का........."

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  2. बिल्कुल सही कहा प्रणव जी,
    इन लोगो से बातचीत करने का कोई फ़ायदा
    नही, सरकार आखिर क्या सोच रही है?
    निर्दोष जवानो को उनके छोटे-छोटे मासूम बच्चो
    द्वारा मुखाग्नि देते देख् कर खून खौल उठा, कब
    समझेंगे ये लोग...कि ये उनके अपने लोग हैं,उनका
    अपना देश है!

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  3. roli ji bilkul sahi baat uthai hai aapne mai bhi aapki baatoo se sahanat hun.

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