Wednesday, June 9, 2010

यात्रा-वृत्तांत......

मित्रों...
नमस्कार,
ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते पर्यटन का कार्यक्रम बन गया...अपने शहर भोपाल से हम दिल्ली पहुंचे और वहां से रात को बस का सफ़र करके पहुंचे धर्मशाला...देवभूमि हिमाचल का प्राकृतिक सौन्दर्य दर्शनीय है, धर्मशाला से कोई १० कि .मी. ऊपर एक क़स्बा है मकलोडगंज,यहाँ हम भागसूनाग में रुके थे, होटल की छत से द्रश्य बेहद मनोरम था, चारों ओर पर्वत, हरी-हरी वादियाँ, देवदार के ऊंचे-ऊंचे वृक्षों से ढंकी पर्वत श्रंखलायें,पहाड़ की चोटियों पर रुई के फाहे सी बर्फ एवं उन पर अठखेलियाँ करते बादल... अत्यंत सुन्दर द्रश्य प्रस्तुत कर रहे थे! यहाँ का बौद्ध मठ दर्शनीय है, छोटे-छोटे चपटे चेहरे वाले खुबसूरत से लामा बच्चे व बड़े-बुज़ुर्ग चेहरे पर तेज लिए हर जगह घूमते मिल जायेंगे! यहाँ दलाई-लामा का निवास स्थान भी है, ठीक बौद्ध मठ के सामने, बुद्ध पूर्णिमा के दिन उनके दर्शन भी हुए, तिब्बत के काफी लोग मकलोडगंज में रहते हैं, दलाई लामा को भी तिब्बत से चीन द्वारा निर्वासित किये लगभग ५० वर्ष हो चुके हैं, बौद्ध मठ के बाहर भारत के प्रति आभार प्रदर्शन स्वरुप बड़ा सा बोर्ड लगा है- "धन्यवाद भारत", यहाँ अनेक चित्र हैं जिनमे तिब्बतियों के ऊपर चीनियों द्वारा किये गए ज़ुल्म व अत्याचार दिखाए गए हैं, उस बालक की कथा भी है जो ३ वर्ष की उम्र में दलाई लामा द्वारा अगले दलाई-लामा के रूप में घोषित किया गया था और घोषणा के कुछ दिनों के भीतर ही उसके परिवार सहित उसे अगवा कर लिया गया, अंत में चीन ने उस अपहरण की ज़िम्मेदारी ली और कहा कि वह बालक व परिवार सुरक्षित है, इस तरह वह बालक दुनिया का सबसे कम उम्र का राजनितिक बंदी है, तिब्बत का आरोप है कि उस बालक की शिक्षा-दीक्षा होने वाले दलाई-लामा के अनुसार नहीं हो रही!
मकलोडगंज में ज़्यादातर विदेशी मिलेंगे, ये एक अत्यंत शांतिप्रिय छोटी सी, पहाड़ों पर बसी हुई जगह है, धर्मशाला के आस-पास अनेक देवी शक्ति पीठ हैं जिनका हमने दर्शन लाभ लिया, चामुंडा देवी, कांगड़ा की देवी, देवी चिंतपूर्णी एवं ज्वाला देवी... ज्वाला देवी शक्ति पीठ अत्यंत जाग्रत अवस्था में मानी जाती है, ऐसी मान्यता है यहाँ देवी की जिह्वा गिरी थी, यहाँ मंदिर के अन्दर चारो ओर की दीवारों से ज्योति जलती दिखाई देती है, जिसका कोई स्त्रोत नहीं, ना कोई गैस लाइन, ना रुई की बाती, ना ही अन्य किसी तरह का कोई साधन, ये ज्वाला स्वतः ही चौबीस घंटे साल भर प्रज्वलित रहती है, बीच में बने कुंड में मुख्य ज्वाला है यही इस जगह का महत्व है!
मकलोडगंज से हम लोग शिमला पहुंचे, एक खुबसूरत सा हिल-स्टेशन, हालांकि यहाँ पर्यटन बढ़ने से यह व्यवसायिक ज्यादा हो गया है, फिर भी खूबसूरती बरकरार है, यहाँ आस-पास कुफरी, चाय के बागान, माल रोड दर्शनीय है, इन सभी जगह नौ-तपा के झुलसते दिनों में भी शीत ऋतु सी ठंडक थी! शिमला से हम छोटी रेल में सफ़र करके कालका पहुंचे, यह टॉय-ट्रेन १०० वर्षों से चल रही है, इसमें सफ़र करना एक अदभुत अनुभव है, सर्पिलाकार पटरी पर जब यह नागिन सी लहराती चलती है तो मन प्रसन्न हो जाता है, नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाइयां,एक ओर पर्वत, कुल मिला कर यह ट्रेन यात्रा अविस्मर्णीय है, ये ट्रेन १०३ टनल से गुज़रती है, सबसे लम्बी सुरंग १.३ कि.मी. लम्बी है, यूनेस्को से इसे वर्ल्ड-हेरिटेज का दर्जा प्राप्त है! रास्ते में आते छोटे-छोटे साफ़-सुथरे सुन्दर स्टेशन गुड़ियों कि दुनिया याद दिलाते हैं, कालका से ३० कि.मी. चंडीगढ़ है, यहाँ हमने रॉक-गार्डन देखा, जो दर्शनीय है, इसे ना जाने कितनी मेहनत से बनाया होगा! चंडीगढ़ से दिल्ली और दिल्ली से वापस अपने गंतव्य भोपाल पहुँच गए! यात्रा सुखद रही....

6 comments:

  1. "रोली जी पहले आप और अब मैं out of station था । पर आप तो दुनिया की बेहतरीन जगह घूम के आईं हैं । आपने पोस्ट भी उम्दा लिखी है ,वाकई में हिमाचल देव भूमि है । जहाँ पर पेड़ होंगे वो जगह अपने आप ही स्वर्ग है। तिब्बतियों और कश्मीरी पंडितों की समस्याएँ एक-सी हैं । बहुत अच्छी फोटो...."

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  2. प्रणव जी धन्यवाद... आप कहाँ घूम आये???

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  3. मैं पहले उज्जैन गया था बहन को छोड़ने फिर बाद में दोस्त के साथ गोआ....."

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  4. अरे वाह प्रणव जी, गोआ तो बहुत ही बढ़िया जगह है, बस मौसम ज़रा गलत चुना आपने....सर्दियों में जाते तो मज़ा दोगुना हो जाता...खैर, दोस्तों के साथ क्या जगह और क्या मौसम देखना...हर जगह स्वर्ग हो जाती है :) तो कैसी रही आपकी यात्रा??? अच्छे-अच्छे बीचेस हैं वहाँ... मै 3 साल पूर्व परिवार के साथ गयी थी, और इसके पहले नूतन कॉलेज के टूर से गई थी, दोनों ही अनुभव बेहतरीन थे.... :)

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  5. Roli, Himachal is paradise of India, no doubt about it and the way you have described the place is really praiseworthy. Congratulations! I will miss you as I am not there on Face Book. I will bookmark your blog add.
    Tons of love
    Aparna Didi

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  6. Hi Aparna Di...Thanx a ton, But what happened now? You are there in my friends list in FB, Why are you saying such things...!!! Plz start writing on FB again...everything will be alright.

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