Wednesday, October 3, 2012

मौसम बदल रहा है......


मौसम बदल रहा है...
ढलने लगी सांझ जल्दी
धुंधलका हो रहा है
मौसम बदल रहा है.......
क्वांर की गुलाबी ठण्ड
घुल रही बयार में,
रात आ जाती है जल्दी
देर से सवेरा हो रहा है
मौसम बदल रहा है.......
गर्म चाय की चुस्कियां
अब भाने लगी हैं
उतर आँगन में धूप,
गुनगुनाने लगी है
गुलाबी जाड़े का,
अहसास हो रहा है
मौसम बदल रहा है.....
बिकने लगे गोले ऊन के
दिखने लगी सलाइयाँ,
फंदों में लिपट के स्नेह,
स्वेटर बुन रहा है
मौसम बदल रहा है.....
खिल उठी बगिया मेरी
गुलाब भी खिलने लगे
रात में टपके मोती,
सुबह पत्तों पर मिलने लगे
अलसाया सूरज देर तक सो रहा है
मौसम बदल रहा है..........

- रोली

12 comments:

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    1. धन्यवाद यशवंत जी |

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    1. शुक्रिया समीर लाल जी ....

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  3. कल 05/10/2012 को आपकी यह खूबसूरत पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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    1. बहुत-बहुत शुक्रिया यशवंत जी.....

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  4. बदलते मौसम का गुनगुना सा अहसास छोड़ती ,सुन्दर रचना ...

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  5. बहुत सुन्दर ,प्यारी रचना..
    :-)

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  6. सच में मोसम बदल रहा है ,बहुत खूबसूरत रचना

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  7. शुक्रिया पूनम जी :)

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