Wednesday, February 24, 2010

कफ़न

हर तरफ बर्फ की चादर बिछी हुई है..
बर्फ के पहाड़ों पर अठखेलियाँ करते हुए लोग
बर्फ को देखने दूर दूर से आते लोग
बर्फ जो कफ़न के रंग सी है
बर्फ जो लोगों को लुभाती है
सैलानियों को पागल बना देती है
बर्फ की चादर पे फुदकते हुए बच्चे
अपने वज़न से ज़्यादा कपड़े पहने हुए
बर्फ को देखने धन-श्रम-वक़्त क्यूँ खर्च करते हैं...
वो अक्सर सोचता है...
वो है जो बर्फ को देखते ही सिहर जाता है..
उसका रोम-रोम अकड़ जाता है
वो अक्सर सोचता है.......
क्यों आता है ये प्राणघाती मौसम
जब पीने का पानी भी
बन जाता है बर्फ...
हर तरफ बस सर्द हवा
और बर्फ बर्फ बर्फ.....
अरे ये भीड़ इकट्ठी क्यूँ है
शायद कोई तमाशा है वहाँ
ये तो वो है.....
जो बर्फ देखते ही सिहर जाता था
जिसके पास बर्फ से बचने के लिए एक चादर भी ना थी
और बर्फ की चादर अब उसका कफ़न बन गयी....

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