वो भावनाएं जो अभिव्यक्त नहीं हो पातीं वो शब्द जो ज़ुबाँ पे आने से कतराते हैं इन्द्रधनुष के वो रंग जो कैनवास पर तो उतर जाते हैं पर दिल में नहीं...वो विचार जो मस्तिष्क में उथल-पुथल मचाते हैं पर बाहर नहीं आ पाते... उन्हीं को अपनी रौशनाई में ढाल कर आवाज़ दी है शब्द दिए हैं...और इस ब्लॉग पर बिखेरा है..बस एक प्रयास है...कोशिश है..... मेरी ये.....आवाज़
(मदर्स डे पर अपनी व हर माँ को समर्पित )
एहसासों को महसूसते खूबसूरत रचना
ReplyDeleteबहुत अच्छा लिखा है आपने.
ReplyDeleteसादर
bhut khubsurat ehsaaso se bhari rachna... happy mothers day...
ReplyDeleteShukriya Sangeeta ji...Yashwant ji aur Sushma ji...
ReplyDeleteबहुत ही प्यारी कविता.
ReplyDeleteसादर
आभार यशवंत जी......
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