Saturday, October 29, 2011

जाड़े का मौसम आने को है...
दे रहीं  दस्तक गुलाबी सर्दियां...
चाँदनी रातें हो चलीं लम्बी,
छुपने लगा है सूरज 
जल्दी ही पर्वत तले,
शोख गुलाब देखो,
इतराने लगा डाल पर ,
दे रहीं दस्तक गुलाबी सर्दियां....
अलसाई धूप
देर से आती है अब मुंडेर  पर,
गुनगुनी धूप लगने लगी,
भली-भली सी,
दे रही दस्तक गुलाबी सर्दियां....
चौके से आ रही महक,
सरसों के साग की,
माँ का अधबुना स्वेटर 
अब सलाइयों पर है,
दे रही दस्तक गुलाबी सर्दियां.....

-रोली 

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