Sunday, October 30, 2011

 बेसबब यूँ ही कभी ख़्वाबों में आ जाया करो
मोहब्बत तुम भी तो कभी जताया करो
हर बात तकरार पर हो ख़त्म,ज़रूरी तो नहीं,
प्यार की उलझने और न बढाया करो
तुम्हें तो मनाने में ही गुज़र जाता है मेरा वक़्त,
रूठने पर तुम भी तो कभी, हमें मनाया करो....

-रोली....

7 comments:

  1. Waah waah..Kya baat hai...Beautifulllll

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  2. खुबसूरत ख्वाहिश...

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  3. शुक्रिया........आप सभी प्रिय मित्रों को...

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  4. रोली जी

    ख़ूब लिखा है -
    तुम भी तो कभी हमें मनाया करो …


    और श्रेष्ठ सृजन की शुभकामनाओं सहित…
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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