Saturday, October 29, 2011

 निशब्द सी रात
फिर चली आई है,
चाँद संग सितारों को,
लपेटे हुए....
मेरे शब्द मौन हैं
आज कितने,
अनगिनत यादों को
खुद में समेटे हुए....

-रोली..

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