अपनी उल्फत ज़माने से लाख छुपाती रही,
तेरे सामने मेरी झुकी पलकें सब बताती रहीं,
ये वो खुशबू है कि फूल हम छुपा भी लें गर,
महक उस प्यार की फिजायें महकाती रही...


-रोली...

Comments

  1. Chhupaaya huaa pyar jaida mehakta hai My Dear Roli Ji...

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

सुहाना सफर

गर्मी की छुट्टियां

कश्मीर की सरकार से गुहार..

मेरी नन्ही परी....

जय माता दी.....

यात्रा-वृत्तांत......

वसुंधरा......

तन्हाई

स्मृति-चिन्ह