बचपन


बेदर्द वक्त के पंख जो कट जाएँ
हमारे रास्ते ना वो कभी आये
करें हम जब जी चाहे, मनमानी
कभी बचपन को अपने जी आयें
कभी सोलहवें वसंत को छू आयें............. :)

- रोली

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