ख्वाहिशें भी पनाह माँगे
कुछ ऐसा दस्तूर हो..
रहे तू निगाह में हरदम
भले ही हमसे दूर हो..
- रोली

Comments

Popular posts from this blog

सुहाना सफर

गर्मी की छुट्टियां

कश्मीर की सरकार से गुहार..

मेरी नन्ही परी....

जय माता दी.....

यात्रा-वृत्तांत......

वसुंधरा......

तन्हाई

स्मृति-चिन्ह