Sunday, March 7, 2010

नारी शक्ति की जय

चौदह साल से लंबित महिला आरक्षण बिल आज होगा संसद में पेश...
जिसका लाभ उठाएंगे ८०% वो पुरुष जिन्हें चुनाव लड़ने के किये पार्टी का
टिकिट नहीं मिलेगा, अपनी धर्मपत्नी को आरक्षित सीट पे चुनाव लडवा
के सत्ता की बागडोर अपने हाथ में रखेंगे और चुनाव जीत कर महिला
एक बार फिर चौका-चूल्हा संभालेगी! हाँ, हस्ताक्षर या अंगूठा उसका ही
होगा! इस बिल में एक प्रावधान और भी होना चाहिए की जो भी महिला
आरक्षित सीट की दावेदार हो उसकी पारिवारिक प्रष्ठभूमि अवश्य देखी जाये
कि उस परिवार से कोई पुरुष राजनीति में तो नहीं है! नगरीय निकाय चुनाव
में मैंने यह अनुभव किया कि महिला आरक्षण का लाभ भी पुरुषों को ही मिलता
है, उनके ना कोई निर्णय होते हैं ना कोई आवाज़.........!
हमें चाहिए आरक्षण के साथ उसकी स्वंत्रता, उसके स्वतंत्र निर्णय!
-रोली पाठक.
http://wwwrolipathak.blogspot.com/

3 comments:

  1. "सटीक आर्टिकल है आपका ओशो ने भी कहा था एक बार कि" स्त्री पुरूष पर निर्भर होना छोड़ दे तो वो स्वतंत्र हो जाएगी" और वैसे भी इस बिल के पास होने से महिलाओं को कुछ लाभ नहीं होने वाला...."
    प्रणव सक्सैना
    amitraghat.blogspot.com

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  2. hamen khuda par aatm vishvaash rakhana. abhi hame aage badkar bahut kuchh karana hai. iske liye hamen aatm nirbhar hona hoga .shubhkamana.
    poonam

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  3. पूनम जी, बिलकुल सही!
    अभी तो ये अंगड़ाई है
    आगे और लड़ाई है..... लेकिन विश्वास है कि
    हर लड़ाई हम जीत ही लेंगे!

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