Friday, September 9, 2011

सिलसिला ज़ारी है,
इन बरसातों का,
थमती ना थीं जैसे,
तेरी बातों का......


-रोली.




 

5 comments:

  1. संजय जी एवं संगीता जी....
    बहुत बहुत शुक्रिया...........

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  2. Silsila.....behad khoobsurat Ehsaas..

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