Wednesday, March 6, 2013


===================================
आशुफ़्ता सा मुझे वो हर रोज़ नज़र आता है
पूछने पर नाम अपना वो "आदमी" बताता है
आसिम नहीं,कातिल नहीं, गुनाहगार नहीं वो
पूछने पर खता उसकी वो,इंसानियत बताता है

- रोली

(आशुफ़्ता - बौख़लाया हुआ, घबराया हुआ
आसिम - पापी)
====================================

No comments:

Post a Comment