Thursday, March 10, 2011


 शब्दों के  मानिंद वो,
मन में उतर गयी....
ख्वाबों सी आ कर वो
पलकों में बस गयी.....
अहसास  तब  हुआ,
उसके पास होने का,
मोती बनके वो ,
मेरी आँखों से गिर गयी......

8 comments:

  1. क्या बात है...बहुत ही बढ़िया!

    सादर

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  2. धन्यवाद संगीता जी.. :)

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  3. बहुत सुन्दर भाव..सुन्दर रचना..

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  4. धन्यवाद शर्मा जी.......

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  5. आपने कितनी सजगता से अपने भावों को अभिव्यक्त किया है ..और शब्दों का चयन इस भाव को और भी ग्राह्य बना देता है ...आपका आभार

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  6. धन्यवाद राम जी......रचना पसंद आई आपको, अच्छा लगा...

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