Monday, August 6, 2012

 आज फिर एक खत पुरानी किताब में पाया...
तेरे साथ गुज़ारा हर लम्हा फिर याद आया...

- रोली......♥

2 comments:

  1. खुबसूरत अभिवयक्ति.....

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  2. Kisi specail ke saath bitaaye specail lamhein kabhi nahi bhoolte...:)))

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