Thursday, September 6, 2012

हसरतें लाख दिल को लुभाया करें
ज़ेहन में हकीकत बनी रहती है....
क्या करें कि हमेशा इन दोनों में
इसीलिए तो ठनी रहती है ...
- रोली


2 comments:

  1. Hunhmmmm...Kya kare Dil toh aakhir dil hai maanta hi nahi..

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