ना जाने आज मन क्यों अनमना सा है
एक तिश्नगी सी है दिल गमज़दा सा है
कहीं सहरा कहीं दरिया कहीं ख़याल बर्फ हैं
हैं ये कैसे अहसास जो, सारे जुदा-जुदा से हैं

- रोली

Comments

  1. Waah Waah..kabhi kabhi aisa ehsaas mujhe bhi bahut hota hai..

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